इस मुलाक़ात के बाद के बाद दिल्ली के सीएम ने कहा, "मैंने प्रधानमंत्री से कहा कि जो भी दिल्ली हिंसा के लिए दोषी पाया जाए, उसे कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए. साथ ही हमने इस पर भी चर्चा की कि कोरोना वायरस से हमें साथ मिलकर लड़ना होगा."
दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर पत्रकारों से अरविंद केजरीवाल ने कहा, "रविवार की रात को जब हिंसा फैले तो दिल्ली पुलिस ने तुरंत हालात पर काबू पाया. अगर सोमवार और मंगलवार को, जब एक ज़िले में ही दंगे हो रहे थे, तब भी पुलिस ने ऐसे ही काम किया होता तो इतनी सारी ज़िंदगियां बचाई जा सकती थीं."
अरविंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी के बीच संसद परिसर में सुबह 11 बजे के क़रीब बैठक हुई. पूर्वी दिल्ली में हाल ही में हुई हिंसा को देखते हुए इस मुलाक़ात को काफ़ी अहम माना जा रहा था.
पिछले हफ़्ते इसी मामले को लेकर केजरीवाल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाक़ात की थी. इस बैठक के बाद दिल्ली के सीएम ने कहा था, "अमित शाह ने हर संभव सहायता मुहैया करवाने का भरोसा दिलाया है."
दिल्ली में हिंसा की शुरुआत उस समय हुई थी जब अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के दौरे पर थे.
दिल्ली में पिछले हफ़्ते लगभग चार दिनों तक जारी रही हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने 1200 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया है और 369 केस दर्ज किए हैं.
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले महीने अपने शपथ ग्रहण समारोह का भी न्योता भेजा था मगर उन्होंने शिरकत नहीं की थी.
उस दौरान वह अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे थे. हालांकि, उन्होंने ट्विटर पर दिल्ली के सीएम को शपथ लेने पर बधाई और शुभकामनाएं दी थीं. इसके जवाब में दिल्ली के सीएम ने शुक्रिया कहा था और उम्मीद जताई थी कि मिलकर दिल्ली को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे.
इससे पहले दोनों नेताओं के बीच उस समय भी ट्विटर पर संवाद हुआ था, जब दिल्ली चुनाव के नतीजे घोषित हुए थे.
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